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समग्र विकास योजना से गाँव की चौतरफा प्रगति

समग्र विकास योजना से गाँव की चौतरफा प्रगति
विविध आयोजनों में उपयोगी समरसता भवन राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं से हमारे ग्राम पंचायत का चौतरफा विकास हो रहा है. जल्द ही इसे आदर्श ग्राम का दर्जा भी मिल जाएगा. पेयजल, सड़क निर्माण, शौचालय समेत अनेक सुविधाएँ ग्रामवासियों को मिल रही हैं. समग्र विकास योजना से एक बेहतर सुविधा क्षेत्रवासियों को मिली है, समरसता भवन. जहाँ गाँव में बसने वाले हर वर्ग के लोगों को विविध आयोजनों के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन बहुत ही कम किराए पर ग्राम पंचायत द्वारा दिया जाता है, जिससे ग्रामवासियों को बड़ी राहत मिली है. साथ ही सौहार्द्रता का वातावरण बना है. वैवाहिक आयोजन, शोक कार्यक्रम या किसी सम्मेलन के लिए बहुत ही बेहतर स्थल है समरसता भवन. मुंगेली जिले के विकासखंड लोरमी अंतर्गत ग्राम पंचायत डिंडोरी की सरपंच श्रीमती प्रमिला राजेंद्र साहू बताती हैं कि वे बताती हैं कि करीब दशक भर पहले तक हमारा पंचायत कई समस्याओं से जूझ रहा था. पिछले 5 वर्षों में गांव का इतना विकास तेजी से हो रहा है. अब हमारा पंचायत विकासखंड बनने के सूची में आ चुका है. 5,000 जनसंख्या से परिपूरित हमारे पंचायत में हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. 242 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास दिया गया है. आवास योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए हमारे पंचायत को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी द्वारा एक लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है. हमारा पंचायत विकासखंड में प्रथम ओडीएफ पंचायत घोषित किया गया है. इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री जी ने पथरिया राज्योत्सव के दौरान में हमें स्वच्छता सम्मान भी दिया है. ग्रामवासियों की जरूरत को देखते हुए समग्र विकास योजना के तहत समरसता भवन का निर्माण कराया गया है, जिसकी लागत 19 लाख 40 हजार रूपये है. अक्टूबर 2017 में भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ और पिछले दो माह में ही इस सुविधा का फायदा कई लोगों ने लिया है. गांव के मध्यम वर्गीय परिवार हों या अभिजात्य वर्ग, ऐसे लोग जो बड़े-बड़े भवनों में वैवाहिक या शोक कार्यक्रम के इच्छुक रहते हैं. उन परिवारों के लिए यह समरसता भवन सुविधाजनक है. अन्य किसी को भी जरूरत के अनुसार भवन दिया जाता है. पूर्व में इस तरह के भवनों में शादी कराने हेतु हमारे गांव से 20 किलोमीटर दूर लोरमी या फिर अन्य शहर जाना पड़ता था. यहाँ मात्र दो हजार रूपये किराये पर भवन दिया जाता है. जिससे दूर-दराज शहर में जाकर कार्यक्रम के बड़े खर्च से बचत हो रही है. समरसता भवन न केवल गांव की लोगों के लिए एक बेहतर व्यवस्था है, बल्कि पंचायत का राजस्व बढ़ाने में भी सहयोगी है. इस राशि को गांव के विकास कार्यों में लगाया जा रहा है।