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भारत माता वाहिनी का नशामुक्ति अभियान

भारत माता वाहिनी का नशामुक्ति अभियान
महिलाओं को अबला और निर्बल समझकर उस पर कई प्रकार के अत्याचार और जुल्म किए जाते रहे हैं. दहेज के नाम पर तो कभी पढ़ाई के नाम पर, कभी बेटी जनने का नाम पर, तो कभी अच्छा खाना बनाने के नाम पर उनका तिरस्कार होता रहा है, किंतु वर्तमान में स्थितियां परिवर्तित हो रही हैं. आज हमारे पंचायत में ही नहीं, बल्कि हमारे जिले के कई पंचायतों में महिलाओं का सम्मान किया जा रहा है. महिलाएं अनेक क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. अब वे अपनी मर्जी के अनुसार जीवन व्यतीत कर रही हैं, साथ ही अपने परिवार को संवारने में भी बेहतर कदम उठा रही हैं. गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. यह सब संभव हुआ है भारत माता वाहिनी संगठन बनाकर. ये कहना है बालोद जिले के विकासखंड गुरुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोलीहामार की पंच श्रीमती पार्वती देवी (60 वर्ष) का. वे गाँव में भारत माता वाहिनी की प्रथम अध्यक्ष भी हैं. हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन-भ्रमण पर आई श्रीमती पार्वती देवी बताती हैं कि उनका पंचायत वैसे तो काफी जागरुक है, किंतु कुछ पारंपरिक दकियानूसी परंपराओं के चलते महिलाएं काफी उत्पीड़न का सामना कर रही थी. गांव में ही शराब दुकान होने के चलते आए दिन कुछ लोग नशे में धुत्त होकर उत्पात करते थे. शाम होने के बाद महिलाओं का घर से निकलना भी मुश्किल होता था. असामाजिक तत्व शराब पीकर अभद्र व्यवहार करते थे. ऐसी परिस्थिति में परिवार वाले महिलाओं को घर से बाहर निकलने ही नहीं देते थे. कुछ लोग तो घर पर शराब पीकर आते और अपने घर की महिलाओं से मारपीट करते थे. ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं का जीना दूभर हो रहा था. सन 2015 में जब सरकार ने भारत माता वाहिनी के गठन हेतु ग्राम पंचायत में आदेश भेजा, तो हमारे सरपंच श्री लेखक चतुर्वेदी ने हमें संगठन निर्माण हेतु प्रेरित किया. उनके मार्गदर्शन पर हमने 30 महिलाओं को जोड़कर संगठन बनाया. सरपंच जी ने हमारा काफी सहयोग किया और हौसला बढ़ाया. हमने 15-15 महिलाओं का समूह बनाकर रात्रिकालीन गश्त शुरू कर दी. काफी संघर्ष के बाद हमने गाँव की शराब दुकान बंद कराई. जो भी व्यक्ति बाहर से शराब लेकर आते थे, उन्हें समझाइश देते थे. पंचायत की ओर से रात्रि गश्त के लिए हमें डंडा, टॉर्च एवं सीटी दी गई है. महिलाओं की एकजुटता से साल भर में ही हमारे पंचायत में बदलाव नजर आने लगा है. शराब की दुकान तो बंद हो गई, शराब के आदी कुछ व्यक्ति भी समूह से जुड़ गए और उन्होंने शराब पीनी छोड़ दी. हमारी संगठन शक्ति से प्रभावित कलेक्टर श्री राजेश राणा जी भी काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने हमें सम्मानित किया. वे बताती हैं कि हम सभी महिलाओं को एक ड्रेस भी मिली है. अब हमारा भारत माता वाहिनी संगठन और मजबूत हो गया. संगठन के सहयोग से हमारा ग्राम पंचायत अप्रैल 2017 में खुले में शौचमुक्त भी हो गया है. खुले में शौच करने वालों को समझा-बुझाकर घर में शौचालय निर्माण हेतु प्रेरित किया. समूह की महिलाएं स्वच्छता के प्रति जागरूक हैं और हर सप्ताह किसी तालाब, नाली एवं गली की सफाई में जुट जाती हैं. जिससे अब हमारे पंचायत का माहौल बदलने लगा है. राज्य सरकार भी हमारा काफी सहयोग कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी ने नवंबर 2016 में हमें सम्मानित किया तथा ड्रेस प्रदान की. 2017 में संगठन के अध्यक्ष और सचिव को मोबाइल फोन देकर सम्मानित किया गया, जिससे अब हम किसी भी प्रकार की शिकायत या सूचना निकटवर्ती पुलिस स्टेशन में आसानी से दे सकते हैं।