हमारी कहानी - हमारी जुबानी

आर्थिक तंगी का समाधान करता है स्व-सहायता समूह महिलाओं ने ठाना – जरूरतमंदों की मदद करेंगे

आर्थिक तंगी का समाधान करता है स्व-सहायता समूह महिलाओं ने ठाना – जरूरतमंदों की मदद करेंगे
किसी भी परिवार को आगे बढ़ाने के लिए सबसे अहम् भूमिका होती है, उस परिवार की महिला सदस्य की। जहाँ महिलाएं अपने पैरों में खड़े होकर, परिवार और गाँव के विकास में सहयोग देती है, वहां की तरक्की को कोई रोक नहीं सकता। इस बात को हमारे गाँव की महिलाएं बखूबी जानती हैं. किसी भी कार्य को करने से पहले थोड़ी–बहुत अड़चनों का सामना हर किसी को करना पड़ता ही है। इसी तरह हमने भी स्व-सहायता समूह बनाते समय कुछ परेशानियों का सामना किया। इसका समाधान सूझबूझ से किया गया, जिसमें बड़े – बुजुर्गों को समझाना, परिवार के सदस्यों को विश्वास में लेना, गाँव की अन्य महिलाओं को समूह बनाने के लिए राजी करना जरूरी था। आख़िरकार हमारी मेहनत रंग लाई. जिला कोरबा के ग्राम पंचायत पण्डरीपानी की पंच सुश्री राजकुंवर पटेल बताती हैं कि नए कार्य को कोई भी ग्रामवासी जल्दी नहीं अपनाते, पर कुछ समय पश्चात उसकी खूबी दिखने के बाद निर्णय को सही बताते हैं और साथ ही तारीफ भी करते हैं। ऐसा ही “निर्मल बाबा स्व-सहायता समूह” का गठन करते समय हुआ। छोटी–छोटी बचत के साथ शुरुआत करके हमने उन ग्रामीणों की मदद की, जिनको कम राशि उधार के रूप में लेने की जरूरत होती है। हमने ब्याज उतना ही रखा, जितने से हमारी संस्था की जमा पूंजी तो बढ़े, पर उधार लेने वाले पर भी ज्यादा बोझ न पड़े। हमारे समूह को प्रधानमंत्री मुद्राकोष से ढाई लाख का ऋण भी मिला है, जिसकी क़िश्त हम समय पर जमा करते हैं. ऋण से प्राप्त राशि से हमने अपने समूह को आगे बढ़ाया। विगत एक दशक से भी अधिक समय से हम समूह चला रहे हैं. जरुरतमंदों की सहायता के उद्देश्य के साथ ही समूह भी तरक्की कर रहा है।