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बेसहारा महिलाओं का सहारा विधवा पेंशन

बेसहारा महिलाओं का सहारा विधवा पेंशन
रायपुर, 7 अक्टूबर. ऐसी परिस्थिति आपके सामने आ जाती है, जब लगता है कि आपके पास कोई रास्ता नहीं बचा. गुजर-बसर के लिए, परिवार पालने के लिए ऐसी विषम परिस्थिति में फंसना किसी भी इंसान की हिम्मत तोड़ सकता है. यह परिस्थिति तब और विकट हो जाती है, जब किसी का जीवनसाथी बीच रास्ते में ही साथ छोड़ दे. आकस्मिक मृत्यु किसी भी परिवार के लिय असहनीय विपदा होती है. खासकर घर का वह सदस्य, जो पालक- पोषक होता है. वही न रहे, तब समस्या और गंभीर हो जाती है. ऐसी ही विकट परिस्थिति हर गाँव के कुछ घरों ने देखी है. तब शासन की पेंशन योजना बड़ी राहत देती है. जिला रायपुर के विकासखंड अभनपुर के ग्राम पंचायत कोलर के पंच श्री पवन कुमार साहू आगे बताते हैं कि इस प्रकार के विकट परिस्थिति उस परिवार की माली हालात बहुत ख़राब हो जाती है. खासकर ग्रामीण क्षेत्र में परिवार के पालक पुरुष ही होते हैं, महिलाओं का काम घर और बच्चों की देखभाल करना ही होता है. अचानक घर सम्हालने की जिम्मेदारी महिला पर आना इनके लिए किसी आघात से कम नहीं होता. ऐसे वक्त में इंदिरा विधवा पेंशन योजना इन महिलाओं का सहारा बनती है. इस योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले, 40 वर्ष या इससे ज्यादा उम्र की महिलाओं को 350 रूपये प्रति माह आर्थिक सहायता दी जाती है. पंच श्री साहू कहते हैं कि यह राशि महिलाओं को सम्मानपूर्ण अपना गुजर- बसर करने में सहायक होती है. अब तक हमारे ग्राम पंचायत की ऐसी 5 महिलाओं को इंदिरा विधवा पेंशन मिल रहा है. इस योजना के साथ अन्य पेंशन योजना जैसे वृद्धा पेंशन योजना, निःशक्तजन पेंशन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना आदि से गाँव के 184 लोगों को आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है. हमर छत्तीसगढ़ योजना अध्ययन-भ्रमण कार्यक्रम में बारे में पंच श्री साहू अपना अनुभव बताते हैं कि हम जैसे साधारण पंच कभी राजधानी देख पाएंगे, यह सोचा भी नहीं था. हमर छत्तीसगढ़ योजना में ये सुअवसर प्राप्त हुआ. नया रायपुर का विकास और वैभव सम्मोहित करने वाला है. यहाँ की साफ–सुथरी सड़कें और व्यवस्था देखकर हमें भी प्रेरणा मिली कि अपने ग्राम पंचायत के विकास में भागीदार बनें और राज्य की प्रगति में सहयोग करें.