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आजीविका मिशन से कुटीर उद्योग को बढ़ावा मिला

आजीविका मिशन से कुटीर उद्योग को बढ़ावा  मिला
हमर जिनगी म होईस नवा बिहान रायपुर 20 सितम्बर। राजनांदगांव जिले के ग्राम पंचायत तुमड़ीलेवा की पंच श्रीमती तामेश्वरी साहू हमर छत्तीसगढ़ अध्ययन-भ्रमण यात्रा के दौरान राजधानी एवं नया रायपुर का विकास देखकर बेहद प्रभावित हैं. वे अपने गाँव के बारे में बातचीत करते हुए बताती हैं कि हम जैसी ग्रामीण महिलाएं ज्यादा समय घर में ही व्यतीत करती हैं। ज्यादातर समय घर-परिवार के देखभाल में बिताती हैं। घरेलू कार्यों को निपटाने के बाद काफी समय बच जाता था। इस समय का सदुपयोग कैसे करें? इस सवाल का जवाब नहीं मिल पा रहा था। हमारे गाँव की महिलाओं के साथ ही साथ आसपास के गाँव की महिलाओं के पास भी खाली वक्त बेकार बिताना मज़बूरी थी। साथ ही आय का कोई स्रोत न होने के कारण हम महिलाओं को हर छोटे–बड़े खर्चों के लिए परेशानी होती थी। विपरीत समय आने पर अपने परिवार की कुछ मदद भी नहीं कर पाते थे। अपनी इन परेशानियों को दूर करने के लिए हम कुछ काम शुरू करने के बारे में विचार कर रहे थे। तब हमारे विचारों को मूर्तरूप देने का कार्य किया छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान योजना” ने। जिसमें महिला समूह बनाकर विभिन्न कुटीर उद्योग की शुरुआत अपने गाँव में ही कर सकते हैं। श्रीमती साहू आगे बताती हैं कि ग्राम पंचायत तुमड़ीलेवा में 30 समूह सक्रिय हैं और आश्रित ग्राम परेवाडीह के 13 महिला संगठन बिहान योजना से जुड़े हैं। जिसका कलस्टर पदुमतरा से विभिन्न कुटीर उद्योग जैसे दोना-पत्तल निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, बैग, झोला निर्माण आदि कार्य करते हैं। वर्तमान में हमारे ग्राम पंचायत की अधिकतर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। पूर्व की परेशानियों जैसे आर्थिक विपन्नता, साहूकारों से कर्ज लेने की मज़बूरी, समय का सदुपयोग नहीं कर पाना, इच्छाओं की पूर्ति नहीं कर पाना, इन सभी समस्यायों का निराकरण हो गया। सीईओ श्रीमती रोशनी टोप्पो समय समय पर हमारे पंचायत के महिला संगठनों को प्रोत्साहित करती रहती हैं।